الجامع لأحكام القرآن/سورة البقرة/الآية رقم 94

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الجامع لأحكام القرآنسورة البقرة
الآية رقم 94
القرطبي


الآية رقم 94


الآية94: { قُلْ إِنْ كَانَتْ لَكُمُ الدَّارُ الآخِرَةُ عِنْدَ اللَّهِ خَالِصَةً مِنْ دُونِ النَّاسِ فَتَمَنَّوُا الْمَوْتَ إِنْ كُنْتُمْ صَادِقِينَ }

لما ادعت اليهود دعاوى باطلة حكاها الله عز وجل عنهم في كتابه، كقوله تعالى: { لَنْ تَمَسَّنَا النَّارُ إِلاَّ أَيَّاماً مَعْدُودَةً } [1]، وقوله: { وَقَالُوا لَنْ يَدْخُلَ الْجَنَّةَ إِلاَّ مَنْ كَانَ هُوداً أَوْ نَصَارَى } [2].

وقالوا: { نَحْنُ أَبْنَاءُ اللَّهِ وَأَحِبَّاؤُهُ } [3] أكذبهم الله عز وجل وألزمهم الحجة فقال قل لهم يا محمد: { إِنْ كَانَتْ لَكُمُ الدَّارُ الآخِرَةُ } يعني الجنة { فَتَمَنَّوُا الْمَوْتَ إِنْ كُنْتُمْ صَادِقِينَ }.في أقوالكم، لأن من اعتقد أنه من أهل الجنة كان الموت أحب إليه من الحياة في الدنيا، لما يصير إليه من نعيم الجنة، ويزول عنه من أذى الدنيا، فأحجموا عن تمني ذلك فرقا من الله لقبح أعمالهم ومعرفتهم بكفرهم في قولهم: { نَحْنُ أَبْنَاءُ اللَّهِ وَأَحِبَّاؤُهُ } [4]، وحرصهم على الدنيا تحقيقا لكذبهم. وأيضا لو تمنوا الموت لماتوا، كما روي عن النبي ﷺ أنه قال: "لو أن اليهود تمنوا الموت لماتوا ورأوا مقامهم من النار". وقيل: إن الله صرفهم عن إظهار التمني، وقصرهم على الإمساك ليجعل ذلك آية لنبيه ﷺ، فهذه ثلاثة أوجه في تركهم التمني. وحكى عكرمة عن ابن عباس في قوله: "فتمنوا الموت" أن المراد ادعوا بالموت على أكذب الفريقين منا ومنكم، فما دعوا لعلمهم بكذبهم

هامش

  1. [البقرة: 80]
  2. [البقرة: 111]
  3. [المائدة: 18]
  4. [المائدة: 18]
الجامع لأحكام القرآن - سورة البقرة
مقدمة السورة | 1 | 2 | 3 | أقوال العلماء في حكم الجلوس الأخير في الصلاة | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | أقوال العلماء في إمساك النبي عن قتل المنافقين | 11 | 12 | 13 | 14 | 15 | 16 | 17 | 18 | 19 | 20 | الآية رقم21 | 22 | 23 | 24 | 25 | 26 | 27 | 28 | 29 | 30 | طرق ما يكون به الإمام إماما | شرائط الإمام | 31 | 32 | 33 | 34 | 35 | 36 | 37 | 38 | 39 | 40 | 41 | 42 | 43 | 44 | 45 | 46 | 47 | 48 | 49 | 50 | مسألة الاختلاف في يوم عاشوراء | فضل صيام يوم عاشوراء | 51 | 52 | 53 | 54 | 55 | 56 | 57 | 58 | 59 | 60 | 61 | 62 | 63 | القول في سبب رفع الطور | 64 | 65 | 66 | 67 | مسألة الدليل على منع الاستهزاء بدين الله ودين المسلمين ومن يجب تعظيمه | 68 | 69 | 70 | 71 | مسألة الدليل على حصر الحيوان بصفاته وجواز السلم فيه بذلك | 72 | 73 | مسألة القول بالقسامة بقول المقتول دمي عند فلان أو فلان قتلني | مسألة اختلاف العلماء في الحكم بالقسامة | مسألة الاختلاف في وجوب القود بالقسامة | مسألة الموجب للقسامة اللوث ولا بد منه | مسألة الاختلاف في القتيل بوجد في المحلة التي أكراها أربابها | مسألة لا يحلف في القسامة أقل من خمسين يمينا | مسألة قصة البقرة دليل على أن شرع من قبلنا شرع لنا | 74 | 75 | 76-77 | 78 | 79 | 80 | 81 | 82 | 83 | 84 | 85-86 | 87 | 88 | 89 | 90 | 91 | 92 | 93 | 94 | 95 | 96 | 97 | 98 | 99 | 100 | 101 | 102 | 103 | 104 | 105 | 106 | 107 | الآبة رقم 108 | 109 | 110 | 111-112 | 113 | 114 | 115 | 116 | 117 | 118 | 119 | 120 | الآيات رقم 121-123 | 124 | 125 | 126 | 127 | 128 | 129 | 130 | 131 | 132 | 133 | 134 | 135 | 136 | 137 | 138 | 139 | 140 | 141 | 142 | 143 | 144 | 145 | 146 | 147 | 148 | 149-150 | 151 | 152 | 153 | 154 | 155 | 156-157 | 158 | 159 | 160 | 161 | 162 | 163 | 164 | 165 | 166 | 167 | 168 | 169 | 170 | مسألة قول العلماء قوة ألفاظ هذه الآية تعطي إبطال التقليد | 171 | 172 | 173 | 174 | 175 | 176 | 177 | 178 | 179 | 180 | 181 | 182 | 183 | 184 | 185 | 186 | 187 | 188 | 189 | 190 | 191: 192 | 193 | 194 | 195 | 196 | 197 | 198 | 199 | 200 | 201 | 202 | 203 | 204 | 205 | 206 | 207 | 208 | 209 | 210 | 211 | 212 | 213 | 214 | 215 | 216 | 217 | 218 | 219 | 220 | 221 | 222 | 223 | 224 | 225 | 226-227 | 228 | 229 | 230 | 231 | 232 | 233 | 234 | 235 | 236 | 237 | 238 | 239 | 240 | 241-242 | 243 | 244 | 245 | 246 | 247 | 248 | 249 | 250 | 251 | 252 | 253 | الآية رقم254 | 255 | 256 | 257 | 258 | 259 | 260 | 261 | 262 | 263 | 264 | 265 | 266 | 267 | 268 | 269 | 270 | 271 | 272 | 273 | 274 | الآيات رقم 275-279 | 280 | 281 | 282 | 283 | 284 | 285-286