الجامع لأحكام القرآن/سورة البقرة/فضل صيام يوم عاشوراء

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الجامع لأحكام القرآنسورة البقرة
فضل صيام يوم عاشوراء
القرطبي


فضل صيام يوم عاشوراء


فضيلة: روى أبو قتادة أن النبي ﷺ قال "صيام يوم عاشوراء أحتسب على الله أن يكفر السنة التي قبله" أخرجه مسلم والترمذي وقال: لا نعلم في شيء من الروايات أنه قال: "صيام يوم عاشوراء كفارة سنة" إلا في حديث أبي قتادة.

قوله تعالى: { وَأَنْتُمْ تَنْظُرُونَ } جملة في موضع الحال ومعناه بأبصاركم فيقال إن آل فرعون طفوا على الماء فنظروا إليهم يغرقون وإلى أنفسهم ينجون ففي هذا أعظم المنة. وقد قيل: إنهم أخرجوا لهم حتى رأوهم فهذه منة بعد منة وقيل: المعنى "وأنتم تنظرون" أي ببصائركم الاعتبار لأنهم كانوا في شغل عن الوقوف والنظر بالأبصار وقيل: المعنى وأنتم بحال من ينظر لو نظر كما تقول هذا الأمر منك بمرأى ومسمع أي بحال تراه وتسمعه إن شئت. وهذا القول والأول أشبه بأحوال بني إسرائيل لتوالى عدم الاعتبار فيما صدر من بني إسرائيل بعد خروجهم من البحر وذلك أن الله تعالى لما أنجاهم وغرق عدوهم قالوا: يا موسى إن قلوبنا لا تطمئن إن فرعون قد غرق حتى أمر الله البحر فلفظه فنظروا إليه.

ذكر أبو بكر بن أبي شيبة عن قيس بن عباد أن بني إسرائيل قالت: ما مات فرعون وما كان ليموت أبدا قال: فلما أن سمع الله تكذيبهم نبيه عليه السلام رمى به على ساحل البحر كأنه ثور أحمر يتراءاه بنو إسرائيل فلما اطمأنوا وبعثوا من طريق البر إلى مدائن فرعون حتى نقلوا كنوزه وغرقوا في النعمة رأوا قوما يعكفون على أصنام لهم قالوا يا موسى اجعل لنا إلها كما لهم آلهة حتى زجرهم موسى وقال: أغير الله أبغيكم إلها وهو فضلكم على العالمين أي عالمي زمانه ثم أمرهم أن يسيروا إلى الأرض المقدسة التي كانت مساكن آبائهم ويتطهروا من أرض فرعون وكانت الأرض المقدسة في أيدي الجبارين قد غلبوا عليها فاحتاجوا إلى دفعهم عنها بالقتال فقالوا أتريد أن تجعلنا لحمة للجبارين فلو أنك تركتنا في يد فرعون كان خيرا لنا قال: { يَا قَوْمِ ادْخُلُوا الأَرْضَ الْمُقَدَّسَةَ الَّتِي كَتَبَ اللَّهُ لَكُمْ } [1] إلى قول "قاعدون" حتى دعا عليهم وسماهم فاسقين. فبقوا في التيه أربعين سنة عقوبة ثم رحمهم فمن عليهم بالسلوى وبالغمام: على ما يأتي بيانه: ثم سار موسى إلى طور سيناء ليجيئهم بالتوراة فاتخذوا العجل: على ما يأتي بيانه: ثم قيل لهم: قد وصلتم إلى بيت المقدس فادخلوا الباب سجدا وقولوا حطة: على ما يأتي: وكان موسى عليه السلام شديد الحياء ستيرا فقالوا إنه آدر. فلما أغتسل وضع على الحجر ثوبه فعدا الحجر بثوبه إلى مجالس بني إسرائيل وموسى على أثره عريان وهو يقول: يا حجر ثوبي فذلك قوله تعالى { يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا لا تَكُونُوا كَالَّذِينَ آذَوْا مُوسَى فَبَرَّأَهُ اللَّهُ مِمَّا قَالُوا } [2]: على ما يأتي بيانه: ثم لما مات هارون قالوا له: أنت قتلت هارون وحسدته حتى نزلت الملائكة بسريره وهارون ميت عليه: وسيأتي في المائدة: ثم سألوه أن يعلموا آية في قبول قربانهم فجعلت نار تجيء من السماء فتقبل قربانهم ثم سألوه أن بين لنا كفارات ذنوبنا في الدنيا فكان من أذنب ذنبا أصبح على بابه مكتوب "عملت كذا وكفارته قطع عضو من أعضائك" يسميه له ومن أصابه بول لم يطهر حتى يقرضه ويزيل جلدته من بدنه ثم بدلوا التوراة وافتروا على الله وكتبوا بأيديهم واشتروا به عرضا ثم صار أمرهم إلى أن قتلوا أنبياءهم ورسلهم. فهذه معاملتهم مع ربهم وسيرتهم في دينهم وسوء أخلاقهم وسيأتي بيان كل فصل من هذه الفصول مستوفى في موضعه إن شاء الله تعالى وقال الطبري: وفي أخبار القرآن على لسان محمد عليه السلام بهذه المغيبات التي لم تكن من علم العرب ولا وقعت إلا في حق بني إسرائيل دليل واضح عند بن إسرائيل قائم عليهم بنبوة محمد ﷺ.

هامش

  1. [المائدة: 21]
  2. [الأحزاب: 69]
الجامع لأحكام القرآن - سورة البقرة
مقدمة السورة | 1 | 2 | 3 | أقوال العلماء في حكم الجلوس الأخير في الصلاة | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | أقوال العلماء في إمساك النبي عن قتل المنافقين | 11 | 12 | 13 | 14 | 15 | 16 | 17 | 18 | 19 | 20 | الآية رقم21 | 22 | 23 | 24 | 25 | 26 | 27 | 28 | 29 | 30 | طرق ما يكون به الإمام إماما | شرائط الإمام | 31 | 32 | 33 | 34 | 35 | 36 | 37 | 38 | 39 | 40 | 41 | 42 | 43 | 44 | 45 | 46 | 47 | 48 | 49 | 50 | مسألة الاختلاف في يوم عاشوراء | فضل صيام يوم عاشوراء | 51 | 52 | 53 | 54 | 55 | 56 | 57 | 58 | 59 | 60 | 61 | 62 | 63 | القول في سبب رفع الطور | 64 | 65 | 66 | 67 | مسألة الدليل على منع الاستهزاء بدين الله ودين المسلمين ومن يجب تعظيمه | 68 | 69 | 70 | 71 | مسألة الدليل على حصر الحيوان بصفاته وجواز السلم فيه بذلك | 72 | 73 | مسألة القول بالقسامة بقول المقتول دمي عند فلان أو فلان قتلني | مسألة اختلاف العلماء في الحكم بالقسامة | مسألة الاختلاف في وجوب القود بالقسامة | مسألة الموجب للقسامة اللوث ولا بد منه | مسألة الاختلاف في القتيل بوجد في المحلة التي أكراها أربابها | مسألة لا يحلف في القسامة أقل من خمسين يمينا | مسألة قصة البقرة دليل على أن شرع من قبلنا شرع لنا | 74 | 75 | 76-77 | 78 | 79 | 80 | 81 | 82 | 83 | 84 | 85-86 | 87 | 88 | 89 | 90 | 91 | 92 | 93 | 94 | 95 | 96 | 97 | 98 | 99 | 100 | 101 | 102 | 103 | 104 | 105 | 106 | 107 | الآبة رقم 108 | 109 | 110 | 111-112 | 113 | 114 | 115 | 116 | 117 | 118 | 119 | 120 | الآيات رقم 121-123 | 124 | 125 | 126 | 127 | 128 | 129 | 130 | 131 | 132 | 133 | 134 | 135 | 136 | 137 | 138 | 139 | 140 | 141 | 142 | 143 | 144 | 145 | 146 | 147 | 148 | 149-150 | 151 | 152 | 153 | 154 | 155 | 156-157 | 158 | 159 | 160 | 161 | 162 | 163 | 164 | 165 | 166 | 167 | 168 | 169 | 170 | مسألة قول العلماء قوة ألفاظ هذه الآية تعطي إبطال التقليد | 171 | 172 | 173 | 174 | 175 | 176 | 177 | 178 | 179 | 180 | 181 | 182 | 183 | 184 | 185 | 186 | 187 | 188 | 189 | 190 | 191: 192 | 193 | 194 | 195 | 196 | 197 | 198 | 199 | 200 | 201 | 202 | 203 | 204 | 205 | 206 | 207 | 208 | 209 | 210 | 211 | 212 | 213 | 214 | 215 | 216 | 217 | 218 | 219 | 220 | 221 | 222 | 223 | 224 | 225 | 226-227 | 228 | 229 | 230 | 231 | 232 | 233 | 234 | 235 | 236 | 237 | 238 | 239 | 240 | 241-242 | 243 | 244 | 245 | 246 | 247 | 248 | 249 | 250 | 251 | 252 | 253 | الآية رقم254 | 255 | 256 | 257 | 258 | 259 | 260 | 261 | 262 | 263 | 264 | 265 | 266 | 267 | 268 | 269 | 270 | 271 | 272 | 273 | 274 | الآيات رقم 275-279 | 280 | 281 | 282 | 283 | 284 | 285-286